शनि के चंद्रमा एन्सेलाडस पर जीवन संभव? | NASA Cassini Mission Research
एन्सेलाडस का अवलोकन
NASA के Cassini यान द्वारा लिया गया यह एन्सेलाडस चंद्रमा का चित्र है। सतह बर्फीली है, लेकिन इसमें बड़ी दरारें हैं, जिनके नीचे एक भूमिगत महासागर छिपा हुआ है।
2005 में Cassini ने एन्सेलाडस से पानी के विशाल भाप स्तंभ (प्लूम) उड़ते हुए देखे, जिससे पता चला कि इसके अंदर तरल पानी का महासागर मौजूद है।
इस महासागर में पानी के अलावा पर्याप्त गर्मी और कार्बनिक रसायन (जैसे फ़ॉस्फ़ोरस और हाइड्रोकार्बन्स) पाए गए हैं, जो जीवन के लिए जरूरी तत्व माने जाते हैं। इन विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिक मानते हैं कि एन्सेलाडस सौरमंडल का ऐसा स्थान हो सकता है जहाँ पृथ्वी के बाहर भी जीवन विकसित होने की संभावना हो।
टाइडल हीटिंग और ऊर्जा संतुलन
शनि के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण के कारण एन्सेलाडस सिकुड़ता और फैलता रहता है, जिससे चंद्रमा के अंदर घर्षण के रूप में ऊष्मा उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया को टाइडल हीटिंग कहते हैं।
पृथ्वी के बाहर जीवन के लिए जरूरी है कि महासागर को ऊर्जा संतुलित मात्रा में मिलती रहे। अगर टाइडल हीटिंग पर्याप्त नहीं होती तो महासागर धीरे-धीरे जम जाएगा, और अगर ऊर्जा अत्यधिक निकल जाएगी तो तापमान बढ़कर रसायनशास्त्र बदल सकता है।
वैज्ञानिकों ने पाया है कि एन्सेलाडस को मिलने वाली ऊर्जा और बाहर निकलने वाली ऊर्जा के बीच एक सटीक संतुलन बना हुआ है, जो इसे स्थिर वातावरण देकर महासागर को तरल अवस्था में बनाए रखता है।
ऊष्मा प्रवाह और स्थिर महासागर
नासा के Cassini यान ने 2005 (एन्सेलाडस के सर्दियों) और 2015 (गर्मी) के मौसम में उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र का तापमान मापा। इन मापों और मॉडल की अपेक्षाओं की तुलना से ज्ञात हुआ कि उत्तरी ध्रुव की सतह अनुमान से लगभग 7 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म थी।
यह अतिरिक्त ऊष्मा महासागर से सतह तक निकली है, जिससे प्रति वर्ग मीटर लगभग 46 मिलीवाट ऊष्मा प्रवाह मापा गया। यह प्रवाह पृथ्वी की महाद्वीपीय ऊष्मा हानि का लगभग दो-तिहाई है।
जब दक्षिणी ध्रुव से मौजूद उत्सर्जन को जोड़ा जाता है, तब एन्सेलाडस का कुल ऊष्मा ह्रास लगभग 54 गीगावाट होता है। यह आंकड़ा अनुमानित टाइडल हीटिंग ऊर्जा के लगभग बराबर है, जो स्पष्ट करता है कि ऊर्जा संतुलन बना हुआ है।
इस संतुलन से सिद्ध होता है कि एन्सेलाडस का महासागर लंबे समय तक तरल अवस्था में बना रह सकता है, जिससे जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ उपलब्ध रहती हैं।
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जीवन की संभावनाएँ
एन्सेलाडस का भूमिगत महासागर जीवन के समर्थन के लिए आवश्यक कई तत्व प्रदान करता है:
तरल पानी
महासागर में मौजूद पानी जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है।
ऊष्मा
टाइडल हीटिंग से उत्पन्न ऊष्मा महासागर को जमने से बचाती है।
कार्बनिक यौगिक
महासागर में फ़ॉस्फ़ोरस और जटिल हाइड्रोकार्बन जैसे कार्बनिक तत्व पाए गए हैं, जो जीवन निर्माण में सहायक हो सकते हैं।
लवण (साल्ट)
पानी में लवण की उपस्थिति रासायनिक प्रतिक्रियाओं को संभव बनाती है, जो जीवन के लिए अनुकूल रसायनशास्त्र की नींव रखती है।
क्या एन्सेलाडस पर जीवन वास्तव में संभव है?
इन सभी कारकों के आधार पर एन्सेलाडस की भूमिगत महासागर को सौरमंडल में पृथ्वी के बाहर जीवन विकसित होने के लिए सबसे संभावित स्थानों में से एक माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिकों के पास अब तक वहाँ जीवन होने का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है, फिर भी यह स्पष्ट है कि एन्सेलाडस का वातावरण जीवन के लिए अनुकूल है।
भविष्य की खोज
अगली मिशन योजनाएँ
कैसिनी मिशन का समापन:
नासा का Cassini यान 2017 में शनि के वातावरण में प्रवेश कर मिशन समाप्त हो गया, लेकिन इसके संग्रहित डेटा से नई खोजें जारी हैं।
भविष्य के मिशन:
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) एन्सेलाडस के अध्ययन के लिए 2040 के दशक में एक मिशन भेजने पर विचार कर रही है, जिससे इस चंद्रमा के महासागर तक पहुँचा जा सके।
महासागर की आयु
शोधकर्ता अगला कदम यह पता लगाना मान रहे हैं कि एन्सेलाडस का महासागर कब से अस्तित्व में है। इसकी आयु अब तक अज्ञात है, लेकिन जानना अहम है कि क्या इसमें जीवन के विकसित होने के लिए पर्याप्त समय गुजरा है।
आगामी अध्ययन इसी सवाल पर केंद्रित होंगे कि क्या यह महासागर इतना पुराना है कि उसमें जीवन के लिए जरूरी विकास हो सके।



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